पुराने पीएफ खातों को जोड़ना होगा आसान, आधार आधारित नया डिजिटल पोर्टल लाने की तैयारी
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) पुराने और निष्क्रिय पड़े पीएफ खातों को ढूंढने, सत्यापित करने और मौजूदा खाते से जोड़ने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए एक नया आधार-आधारित डिजिटल पोर्टल विकसित कर रहा है। यह व्यवस्था विशेष रूप से उन कर्मचारियों के लिए उपयोगी होगी, जिन्होंने 2014 से पहले नौकरी बदली थी और जिनके पुराने पीएफ खातों को वर्तमान यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) से लिंक नहीं किया गया।नए पोर्टल का उद्देश्य उन लाखों कर्मचारियों को राहत देना है जिनके पुराने खातों में राशि तो जमा है, लेकिन सदस्य आईडी, पूर्व नियोक्ता या अन्य विवरण उपलब्ध न होने के कारण वे उन खातों का लाभ नहीं ले पा रहे हैं।
पुराने और निष्क्रिय खातों की पहचान होगी आसान
2014 में UAN व्यवस्था लागू होने से पहले अलग-अलग नियोक्ता कर्मचारियों के लिए अलग पीएफ सदस्य आईडी जारी करते थे। नौकरी बदलने पर कर्मचारी का नया पीएफ खाता बन जाता था और पुराने खाते को नए खाते से जोड़ना हमेशा सरल नहीं होता था।
इस कारण कई कर्मचारियों के पुराने खाते निष्क्रिय पड़े हैं। कई मामलों में कर्मचारियों को अपनी पुरानी सदस्य आईडी भी याद नहीं है। प्रस्तावित पोर्टल ऐसे खातों की पहचान और उनका विवरण खोजने में मदद करेगा।
आधार से होगा कर्मचारी का सत्यापन
नए सिस्टम में कर्मचारी के आधार का उपयोग पहचान सत्यापन के लिए किए जाने की योजना है। सफल प्रमाणीकरण के बाद पुरानी पीएफ सदस्यता से जुड़े रिकॉर्ड की खोज संभव हो सकेगी।
यदि किसी पुराने या निष्क्रिय खाते में राशि मौजूद है, तो कर्मचारी उसे मौजूदा UAN से जोड़ने, शेष राशि ट्रांसफर करने या पात्रता के अनुसार दावा करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकेंगे।
यह व्यवस्था रिकॉर्ड मिलान को सरल बनाने और पुराने खातों के सत्यापन में लगने वाले समय को कम करने में सहायक हो सकती है।
पूर्व नियोक्ता से भी मिल सकेगी मदद
जिन कर्मचारियों को अपने पुराने EPF खाते या सदस्य आईडी की जानकारी नहीं है, वे अपने पूर्व नियोक्ता से संपर्क कर सकते हैं। पूर्व नियोक्ता के पास कर्मचारी के पुराने पीएफ रिकॉर्ड, सदस्य आईडी और योगदान से संबंधित जानकारी उपलब्ध हो सकती है।
यदि पुराना नियोक्ता अस्तित्व में नहीं है या आवश्यक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कर पा रहा है, तो कर्मचारी संबंधित EPFO कार्यालय में पहचान और रोजगार से जुड़े सहायक दस्तावेजों के साथ संपर्क कर सकते हैं। सत्यापन के बाद विभागीय रिकॉर्ड के माध्यम से पुराने खाते की जानकारी खोजने में सहायता मिल सकती है।
किन जानकारियों की पड़ सकती है जरूरत
पुराने पीएफ खाते की पहचान के लिए कर्मचारी को आधार से जुड़े मोबाइल नंबर के साथ-साथ पुराने रोजगार से संबंधित कुछ विवरण देने पड़ सकते हैं। इनमें पुराने नियोक्ता का नाम, पीएफ सदस्य आईडी, सेवा अवधि या अन्य उपलब्ध रोजगार रिकॉर्ड शामिल हो सकते हैं।
पुराने खाते को वर्तमान खाते से जोड़ने के लिए मौजूदा UAN, पैन और बैंक खाते की जानकारी भी जरूरी हो सकती है। पहचान और खाते का सत्यापन पूरा होने के बाद ही राशि के ट्रांसफर या दावे की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
हजारों करोड़ रुपये पुराने खातों में पड़े होने का अनुमान
पुराने और निष्क्रिय पीएफ खातों में बड़ी राशि बिना दावे के पड़ी हुई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 31 मार्च 2026 तक 30.9 लाख से अधिक निष्क्रिय EPF खातों में करीब 9,330 करोड़ रुपये बिना दावा किए पड़े थे।
यह स्थिति बताती है कि खाते की पहचान, पुराने रिकॉर्ड और सदस्य आईडी से जुड़ी समस्याएं बड़ी संख्या में कर्मचारियों के लिए वास्तविक चुनौती बनी हुई हैं। नया डिजिटल समाधान इन खातों तक कर्मचारियों की पहुंच आसान कर सकता है।
डिजिटल बदलाव से कम हो सकता है कागजी काम
आधार आधारित सत्यापन से पुराने पीएफ खातों को खोजने की प्रक्रिया अधिक डिजिटल और केंद्रीकृत हो सकती है। इससे कर्मचारियों को अलग-अलग कार्यालयों में बार-बार दस्तावेज जमा करने की जरूरत कम हो सकती है।
यदि सिस्टम पुराने रोजगार रिकॉर्ड, सदस्य आईडी और मौजूदा UAN को प्रभावी तरीके से जोड़ने में सफल रहता है, तो क्लेम और ट्रांसफर से जुड़े विवादों में भी कमी आ सकती है।
कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण सुधार
नौकरी बदलने की प्रवृत्ति बढ़ने के साथ एक कर्मचारी के करियर में कई नियोक्ता और कई पुराने पीएफ रिकॉर्ड होना सामान्य बात हो गई है। ऐसे में PF खातों की पोर्टेबिलिटी और पुराने योगदान की आसान पहचान सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाती है।
प्रस्तावित पोर्टल का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब सत्यापन प्रक्रिया सरल, सुरक्षित और उपयोगकर्ता अनुकूल हो। साथ ही कर्मचारियों को डेटा गोपनीयता, फर्जी दावों की रोकथाम और गलत खातों के लिंक होने जैसी संभावित समस्याओं से बचाने के लिए मजबूत सुरक्षा व्यवस्था भी जरूरी होगी।
आधार आधारित यह डिजिटल पहल यदि प्रभावी ढंग से लागू होती है तो पुराने पीएफ खातों में अटकी हजारों करोड़ रुपये की राशि तक कर्मचारियों की पहुंच आसान हो सकती है और EPFO की सेवाओं को अधिक पारदर्शी, तेज और सुविधाजनक बनाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
