निजी भविष्य निधि ट्रस्टों के लिए ईपीएफओ की राहत योजना, नियमितीकरण का मिलेगा अवसर

कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति निधि को सुरक्षित करने और गैर-सरकारी भविष्य निधि ट्रस्टों को वैधानिक दायरे में लाने के उद्देश्य से कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने एमनेस्टी योजना, 2026 शुरू की है। योजना के अंतर्गत पात्र संस्थानों को निर्धारित छह महीने की अवधि में नियमितीकरण के लिए आवेदन करना होगा।

 

यह योजना उन संस्थानों पर लागू होगी, जो आयकर अधिनियम, 1961 के तहत मान्यता प्राप्त भविष्य निधि ट्रस्ट संचालित कर रहे हैं, लेकिन केंद्र अथवा राज्य सरकार से कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध प्रावधान अधिनियम, 1952 की धारा 17 के अंतर्गत औपचारिक छूट प्राप्त नहीं कर सके। वित्त अधिनियम, 2026 के माध्यम से आयकर संबंधी ढांचे को ईपीएफ कानून के प्रावधानों के अनुरूप बनाया गया है।

 

योजना के तहत पात्र ट्रस्टों को पुराने मामलों में कानूनी और वित्तीय दंडात्मक कार्रवाई से राहत मिल सकेगी। नियमों का पालन करने वाली संस्थाओं को कुछ लंबित मामलों, हर्जाने और ब्याज संबंधी दायित्वों में छूट दी जा सकती है। हालांकि, कर्मचारियों के बकाया पीएफ अंशदान में किसी प्रकार की छूट उपलब्ध नहीं होगी।

 

योजना का लाभ लेने के लिए ट्रस्ट का निर्धारित तिथि से पहले मान्यता प्राप्त होना आवश्यक है। निजी क्षेत्र और सार्वजनिक क्षेत्र के पात्र ट्रस्ट इसके दायरे में आएंगे। संस्थानों को कर्मचारियों की न्यूनतम संख्या, कोष के आकार और निर्धारित अवधि के अनुपालन से जुड़े नियमों को पूरा करना होगा।

 

इस पहल से निजी भविष्य निधि ट्रस्टों को अपना संचालन वैधानिक रूप से नियमित करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, कर्मचारियों के पीएफ हितों की सुरक्षा, पारदर्शिता और दीर्घकालिक सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।