भारत में आईफोन की तेज वृद्धि को झटका, चार वर्षों में पहली बार बिक्री घटने की आशंका
भारत में लगातार विस्तार कर रही एप्पल की आईफोन बिक्री को आपूर्ति संबंधी बाधाओं के कारण चार वर्षों में पहली बार मंदी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि प्रीमियम स्मार्टफोन की मांग मजबूत बनी हुई है, लेकिन मेमोरी चिप की सीमित उपलब्धता कंपनी के उत्पादन और आपूर्ति को प्रभावित कर रही है।
उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, जून तिमाही में आईफोन की शिपमेंट में वार्षिक आधार पर गिरावट दर्ज होने की आशंका है। इसका प्रमुख कारण मांग में कमी के बजाय चिप आपूर्ति का दबाव माना जा रहा है। मेमोरी चिप निर्माता अधिक कीमत वाले बाजारों को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिससे एप्पल के विनिर्माण साझेदारों के लिए भी आवश्यक पुर्जों की उपलब्धता सीमित हुई है।
आपूर्ति संकट का सबसे अधिक प्रभाव आईफोन-17 श्रृंखला पर दिखाई दे सकता है। खुदरा विक्रेताओं के अनुसार, लोकप्रिय मॉडलों की उपलब्धता सीमित है और कीमतों में तत्काल संशोधन की संभावना भी कम है। एप्पल सामान्यतः नया मॉडल पेश करने के बाद पुराने मॉडल की कीमत घटाता है, इसलिए आपूर्ति बाधा लंबी चलने पर त्योहारी सीजन की मांग पूरी करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
विश्लेषकों का मानना है कि सैमसंग सहित अन्य ब्रांडों की कीमतें बढ़ने के कारण ग्राहक अधिक भुगतान करके आईफोन खरीदने को तैयार हैं। इसके बावजूद बाजार में पर्याप्त उपकरण उपलब्ध न होने से एप्पल अपनी बिक्री क्षमता का पूरा लाभ नहीं उठा पा रही है।
एप्पल ने भारत में आठ वर्षों के दौरान आईफोन बिक्री का उल्लेखनीय विस्तार किया है और वर्ष 2019 के बाद औसतन करीब 33 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर्ज की है। कंपनी की बिक्री 2025 में लगभग 1.6 करोड़ इकाइयों तक पहुंचने का अनुमान है, लेकिन इसके बाद विकास दर में तेज नरमी की आशंका जताई गई है।
