श्रमिक हितों और चार नई श्रम संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर रहेगा विशेष जोर

उत्तर प्रदेश की श्रमायुक्त सौम्या अग्रवाल ने पदभार ग्रहण करते हुए श्रमिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान, बाल श्रम उन्मूलन और श्रम कानूनों के प्रभावी अनुपालन को अपनी प्रमुख प्राथमिकता बताया। इससे पहले वह प्रयागराज की मंडलायुक्त के रूप में कार्यरत थीं।

 

उन्होंने कहा कि 29 केंद्रीय श्रम कानूनों को समाहित कर चार नई श्रम संहिताएं बनाई गई हैं। इनमें वेतन संहिता, औद्योगिक संबंध संहिता, सामाजिक सुरक्षा संहिता तथा व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशा संहिता शामिल हैं। इन संहिताओं का उद्देश्य श्रम कानूनों को सरल बनाना, श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा मजबूत करना और उद्योगों के लिए पारदर्शी अनुपालन व्यवस्था विकसित करना है।

 

उत्तर प्रदेश मजदूरी संहिता को मंत्रिमंडल की स्वीकृति मिलने के बाद इसके प्रभावी अनुपालन की तैयारियों पर भी जोर दिया जाएगा। श्रमायुक्त ने स्पष्ट किया कि शासन की नीतियों को धरातल पर लागू करने के साथ श्रमिकों और नियोक्ताओं के बीच संतुलित औद्योगिक संबंध स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

 

पदभार ग्रहण करने के अवसर पर विभागीय अधिकारियों और कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों ने श्रमायुक्त का स्वागत किया तथा श्रमिक कल्याण और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की।